"मुझे भारतीयों को एक लाख रुपया में कार उपलब्ध करानी है" - टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने जब यह घोषणा की थी तो बहुतों को शायद यह यकीन दिलाना भी मुश्किल हुआ होगा की ऐसे समय में जब चारो ओर महंगाई की हाहाकार है और सब कोई पैसे कमाने और बनाने के चक्कर में सामानों के दाम बढाने की फिराक में लगे रहते हैं एक भारतीय जनता से वादा करे और उसे सच करे. रतन टाटा ने यह तो साबित कर ही दिया है की आज भी अगर हममें सच और साहस हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है.
एक लाख की कार बनाने की और लॉन्च करने की घोषणा करते समय शायद रतन टाटा को यह मालूम भी नहीं रहा होगा की यह कार भारतीय सड़क सुरक्षा के माप डंडों पर सही उतरेगा, लोग सुरक्षित अपने घर तक पहुँच पायेंगे या नहीं या फिर इस कार को बनाने में जो लोहा और अन्य कल पुर्जे उपयोग में लाये जायेंगे उनका मूल्य भी वापस आ पायेगा या नहीं. इस एक लाख की कार के सच को साकार होते हुए हर भारतीय के मन में एक गर्व तो जरूर पैदा हुआ होगा की हम भारतीय कुछ भी कर दिखाने का अदम्य साहस रखते हैं.
नैनो जो सिर्फ नाम और पैसे के मामले में एक छोटी कार है, अब तक प्राप्त हुई सूचनाओं के आधार पर एक बात तो पता चल ही गयी है की हरेक हिन्दुस्तानी जिसके परिवार में ४ सदस्य है अब कार में एक साथ बैठकर बाहर घुमने जा सकेंगे.
दूसरी बात जो मुझे इसमें अच्छी लगी वो यह की यह कार वाकई में भारत की मूलभूत आवश्यकताओं को ख्याल में रखकर बनायी गयी है. इसकी ईंधन की कार्यक्षमता जो की लगभग २२ किलोमीटर है काफी हद तक आम आदमी के बजट के अन्दर में है. आज विश्व भर में समाज के पिछडे वर्गों के समस्याओं को ध्यान में रखकर ऐसे सामानों का आविष्कार करना जरूरी है जिससे कमजोर और जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके. नैनो इस कड़ी में भारत की तरफ से शायद एक सर्वप्रथम प्रयास है और आशा है की इससे सबक लेकर हम सब भी कुछ न कुछ ऐसा सोचेंगे जिससे भारत फिर से विश्व मंच पर सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सके.
टाटा नैनो के कुछ विडियो यहाँ पर देखिये और अपने सुझाव जरूर लिखिए. आखिर आप ही के लिए तो में यह सब यहाँ लिखता हूँ.
टाटा नैनो का आज मुंबई में लॉन्च किया गया
Tuesday, March 24, 2009
क्या नैनो बनेगी भारत की २१वी सदी का सारथी
Labels: family car, nano, ratan tata
Posted by वंदे मातरम at 1:34 AM
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